उदगिर,महाराष्ट्र » करीयर

१०० प्रतिशत जॉब गॅरंटी

कम मार्कवालो की शाखा याने आइटीआइ ऐसी आइटीआइ की पहेचान हो गयी है. पर अब यह शाखा अच्छे वेतन के साथ १०० प्रतिशत नौकरी देनेवाली शाखा बन गायी है और अच्छे मार्क्स लेनेवाले विद्यार्थी भी यहा प्रवेश लेने लगे है. इस साल भी आइटीआइ के तरफ करियर के तौर पर देखनेवालो के लिये यहा बहोतसे नये कोर्सस शामिल है.

१२वी के बाद क्या ? - करिअर मंत्र

१२वी के बाद कौनसा कोर्स चुने, उस कोर्स के लिये आपमे कौनसे गुण आवश्यक है, कोर्स पुरा करने के बाद नौकरी की क्या गॅरण्टी है, छात्रो के ऐसे ढेरसारे सवालोके जवाब मिले '१२वी के बाद क्या?' ईस उपक्रम के अंतर्गत 'ग्रोथ सेंटर' के मदद से आयोजीत सेमिनार मे.

'एमबीए सीईटी' के लिये अखबार पढिये

छात्र अगर एक अखबार भी हररोज पढते है तो 'एमबीए-सीईटी'के तैयारी के लिये फायदेमन्द साबित हो सकता है. उसमेभी अगर बिझनेस पेज पार ज्यादा ध्यान दिया जाए तो सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी भाषाकी अच्छी तैयारी होती है.

मास्टर आर्ट्स

अगर कम मार्क्स आते तो आर्ट्स मे पढने का विचार बहोतसे छात्र और उनके पालक करते है . पर बाय चॉइस आर्ट्स चुनके भी आप अच्छा करियर कर सकते है. इसमे व्यावसायीक कोर्स कर आप अच्छे वेतन की नौकरी पा सकते है. नौकरी के तॅरह ही फ्री-लान्सिंग पद्धतीसे आप आपका करियर बना सकते है.

बहुपयोगी कॉमर्स

साइन्स की पढाई हो नही पायेगी और आर्ट्स पढना नही है तो फिर कॉमर्स पढते है ऐसी सोच ढेरसारे छात्र और उनके पालकोकी होती है. पर कॉमर्स कोई इतनाभी लाइटली लेने का विषय नही है. बीकॉम करते करते बहोत से छोटे छोटे कौर्सेस कर आप अच्छे वेतन की नौकरी पा सकते है.

साइन्स के और चलो...

१२वी के बाद आपको क्या पढना है यह छात्रने पहलेही तय करना चाहिये. पालकोने अपना निर्णय छात्र पर थोपनेसे से बेहतर है की छात्र की रुची जान निर्णय ले.

प्रोफेशनल कोर्सेस पढानेवाली संस्था

प्रोफेशनल कोर्सेस पढानेवाली संस्थाओकी जानकारी

फायदेमन्द फायनान्स

कॉमर्स मे प्रवेश लिया तो अपना अकाउंट्स हो ही जायेगा ऐसी अपनी सोच बनती है. मगर अकाऊण्ट्स और फायनान्स आपको करियर की ढेरसारे अवसर उपलब्ध करानेवाले क्षेत्र है.

पढते पढते

१२वी के बाद सायन्स, कॉमर्स या आर्ट्स मे ग्रॅज्युएशन के लिये प्रवेश लिया जाता है. पर ग्रॅज्युएशनके चलते दुसरे क्षेत्र का शिक्षण लेना फायदेमन्द साबित हो सकता है. ज्यादातर ग्रॅज्युएशन के कॉलेजस सुबहही होते है. तो आप दोपहर के समय मे आपका पसन्दिदा शिक्षण ले सकते है.

प्रवेश का नया व्हर्जन

पिछले साल शुरू हुए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया से बहोतसी नाई बाते सामने आई. पालक-छात्र को बहोत परेशानी भी हुई. इस वजह से पालक-छात्र घबरा गये है. मगर इस साल प्रक्रिया मे हुए बदलावकी की जानकारी ले कर इस प्रक्रिया मे शामिल होने मे कोई दिक्कत नही है.

ट्रेस से ऐसे बचे

परिक्षा के समय स्ट्रेस की वजह से कुछ याद नही रहता. भूलने लागता है. ऐसी शिकायत बहोतसे छात्र करते है. तो इस स्ट्रेस का क्या करना यह प्रश्न उपस्थीत होता है. इस वजह से छात्र और पालक दोनोने कुछ चिजे ध्यानमे रखना चाहिए.