उदगीर याने लातूर जीले मे का नगर पालिका वाला शहर है. यह शहर यहा की शिक्षा और यहा के पुरातन किले के लिये जाना जाता है. उदागिर बाबा के नाम से शहर का नाम उदगीर पडा.
शहर के ज्यादातर लोग मराठी है और कृषि यहा का प्रमुख व्यवसाय है. यहा एक जानामाना डेरी फार्म भी है.
पंचक्रोषि और किले के आसपास कई किलोमीटर के क्षेत्र मे पहाडी है और उसपे बहोतसारी चौकिया है जो सैनिकोद्वारा निगरानी के लिये इस्तेमाल की जाती होगी. यहा बहोत सारे महल् भी है. पर यह सभी पुरातन चिजे अभी भग्न है. औए इसकी देखभाल कोई नही करता. ऐसा कहा जाता है की किले मे कुछ ऐसी सुरन्गे है जो बहोत लम्बी है और सिधा भालकी और बीदर मे निकलती है.
मनोरंजन के यहा ढेरसारे साधन उपलब्ध है. मूवी थियेटर से लेके खेल के मैदान तक, यहा ऐसी बहोतसी चिजे है जो आपका मनोरंजन करती है. यहा रेस्टौरेन्ट्स, पब्स, बार्स भी है.
यह शहर याने लातूर जीले का प्रमुख व्यापारी केन्द्र है..
यहा के लोगोने कला से लेके संगीत मे और राजनीति से लेके समाजनिति, हार क्षेत्र मे अपनी अलग पहचान बानाई है..
यह शहर याने एक प्रमुख शिक्षा केन्द्र है. आस पास से कैइ इलाको से छात्र यहा पढने आते है. नर्सरी से लेके पदव्युत्तर शिक्षा की यहा सब सुविधाये उपलब्ध है.